एक तस्वीर है तू , एक आईना है ...
होता है तुजीसे मेरा सामना है ....
मेरी दुवा तू , मेरी कामना है ...
तू मेरी रगो मी बहि साधना है ...
तू खुबसुरत सी मेरी खता बन गई है
मेरे रूह पे छाया नशा बन गई है
होश मे आये तो आये हम कैसे ...
मेरे लिये तू खुदा बन गई है......
तेरा साथ मांगू न मांगू मै कुच भी
हर पल तेरीआदत बन गई है ..
किसे बताये ये दास्तान ए दिल कि
मेरे लिये तू जिंदगी बन गई है ..............
कुंदा
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